Satsuma-age / सात्सुमा-आगे

जापान · पूर्वी एशिया

छोटे पैटर्न वाले प्लेट में गोल तला हुआ मछली का केक, कद्दूकस किया हुआ अदरक और कटा हुआ हरा प्याज।
Satsuma-age / सात्सुमा-आगे

सात्सुमा-अगे में पिसी मछली को टोफू या अंडे, स्टार्च, चीनी, नमक और राख से उपचारित स्थानीय साके जैसी सामग्री से मिलाकर आकार देते हैं और तेल में डुबोकर तलते हैं। ये कागोशिमा से जुड़े हैं, जहाँ स्थानीय नाम त्सुकेअगे है। सार्डिन, हॉर्स मैकरल और उड़ने वाली मछली सहित अलग मछलियाँ इस्तेमाल हो सकती हैं। गाजर, बर्डॉक, शिसो या कमल की जड़ पेस्ट में मिलाई जा सकती है।[1]

टिक्के गोल, अंडाकार, आयताकार और डंडीनुमा होते हैं; पेस्ट के हिस्से तोड़कर अनियमित टुकड़े भी बनते हैं। कभी नववर्ष और दूसरे उत्सवों से जुड़े ये टिक्के अब रोज़मर्रा का भोजन भी हैं। इन्हें सीधे, चावल या पेय के साथ खाया जा सकता है और चिराशिज़ुशी तथा धीमे पके निशिमे जैसे व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जाता है।[1]

संदर्भ

स्रोतों की जाँच की तारीख:

  1. さつま揚げ(さつまあげ)|にっぽん伝統食図鑑 — Ministry of Agriculture, Forestry and Fisheries of Japan

छवि श्रेय

Satsumaage at Banpaiya, Monzen Nakacho

निर्माता:
nakashi
स्रोत:
Flickr
लाइसेंस:
CC BY-SA 2.0
संशोधित:
Copied from Flickr and re-encoded for Gochizu.

ऑडियो श्रेय

आवाज़:
marin (gpt-4o-mini-tts)
स्रोत:
OpenAI API Text to Speech
लाइसेंस:
OpenAI API generated audio
बदला गया:
AI-generated voice audio.